मुख्तार अंसारी का करीबी कोयला माफिया त्रिदेव ग्रूप के मालिक उमेश सिंह की शॉपिंग मॉल, कई लग्जरी गाड़ियों समेत करोड़ों की संपत्ति जब्त

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मऊ-मुख्तार अंसारी गिरोह के अत्यंत नजदीकी कोयला माफिया व त्रिदेव ग्रुप के मालिक उमेश सिंह की 6.5 करोड़ की सम्पत्ति 14(1) गैंगस्टर एक्ट की तहत मऊ पुलिस द्वारा जब्त

जनपद मऊ पुलिस के द्वारा आपराधिक माफिया व उनके गुर्गों के विरुद्ध प्रचलित कार्यवाही के क्रम में आज 11 अगस्त 2020 को मुख्तार अंसारी गिरोह के अत्यंत नजदीकी व मुख्तार अंसारी के साथ मन्ना सिंह हत्याकांड 2009 में सह अभियुक्त रहे त्रिदेव कंस्ट्रक्शन / त्रिदेव कोल डिपो/ त्रिदेव ग्रुप के मालिक कोयला माफिया उमेश सिंह पुत्र रामवृक्ष सिंह निवासी अहिलाद जनपद मउ की *14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत लगभग 6.5 करोड़ की अपराध व अवैध रूप से अर्जित धन से बनाई गई संपत्ति जब्त की गई है।

आज दिनांक 11.8.2020 को सीओ सीटी के नेतृत्व में थानाध्यक्ष कोतवाली, सरायलखंसी व दक्षिणटोला व स्वाट टीम के द्वारा *उमेश सिंह पुत्र रामवृक्ष सिंह के द्वारा अपराध से अवैध रूप से अर्जित किए गए धन से लगभग 3400 वर्ग मीटर भूखंड पर निर्मित शॉपिंग मॉल/कंपलेक्स जिसकी वर्तमान कीमत लगभग 5.5 करोड़ व साथ ही साथ लगभग एक करोड़ मूल्य के 08 वाहनों ( फोर्ड एनडेवर 01, हुंडई क्रेटा 02, इंडिका 01, ट्रक 01, मोटरसाइकल 03) को धारा 14 (1)गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत FIR नंबर 47/ 2010 3(1) गैंगस्टर एक्ट थाना कोतवाली के तहत जब्त कराई गई।

इस प्रकार कुल लगभग 6.5 करोड़ कीमत की प्रॉपर्टी जब्त कराई गई है।

उमेश सिंह त्रिदेव कंस्ट्रक्शन कंपनी/त्रिदेव कोल डिपो/ त्रिदेव ग्रुप का संचालन अपने भाई राजन सिंह उर्फ राजेश सिंह के साथ मिलकर करता रहा है। इसके द्वारा मुख्तार अंसारी व गिरोह की आर्थिक रूप से मदद पिछले दो दशकों से की जाती रही है।

वर्ष 2009 में ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड में उमेश सिंह पुत्र रामवृक्ष सिंह मुख्तार अंसारी के साथ सह अभियुक्त था। (FIR no 1866/09 PS कोतवाली) I

इसी केस के बाद सन 2010 में मुख्तार अंसारी, उमेश सिंह व अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध FIR नंबर 47/2010 धारा 3(1)गैंगस्टर एक्ट कोतवाली थाने में दर्ज किया गया।

मन्ना सिंह हत्याकांड में गवाह राम सिंह मौर्य व उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी आरक्षी सतीश की सन 2010 में ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई जिस के संबंध में थाना दक्षिण टोला में FIR नम्बर 399/2010 दर्ज किया गया। इस अभियोग में उमेश सिंह का भाई राजन सिंह मुख्तार अंसारी के साथ सह अभियुक्त था इस हत्याकांड के संबंध में थाना दक्षिणटोला में FIR नम्बर 891/2010 धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट का अभियोग विरुद्ध मुख्तार अंसारी , राजन सिंह व अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध 2010 में दर्ज किया गया। इसके अलावा भी उमेश सिंह व राजन सिंह के विरुद्ध आधा दर्जन मुकदमे पंजीकृत है।

पिछले दो दशकों के दौरान उमेश सिंह व राजन सिंह के द्वारा मुख्तार अंसारी व गिरोह के मुख्य शरणदाता व आर्थिक मददगार के रूप में अतिसक्रिय व अग्रणी भूमिका रही है।

माफिया से सम्बन्धों का फायदा उठाकर इंदारा कोपागंज में कोल डिपो स्थापित कर मोनोपोली बनाते हुए कोयला माफिया के रूप में इन दोनों के द्वारा अर्जित धन से मुख्तार अंसारी गिरोह की फंडिंग लंबे समय से की जाने की भी बात प्रकाश में आई है। इनके द्वारा माफिया व माफिया गिरोह से संबंध का इस्तेमाल करते हुए कोयले के व्यापार में अपनी मोनोपोली स्थापित करते हुए जनपद के अन्य व्यापारियों में भय व आतंक का माहौल पैदा किया गया जिससे अन्य कोई व्यक्ति कोयला व्यापार में नहीं आया। इस प्रकार गैंग के रूप में कार्य करते हुए जघन्य अपराधों के माध्यम से अवैध धन का इस्तेमाल अपराधियों को संरक्षण देने के साथ साथ अपने बिजनेस में लगा कर त्रिदेव के नाम से अलग-अलग कंपनियां खोलकर किया गया।

इनके द्वारा माफिया से संबंध का लाभ उठाते हुए अपराध कारित करते हुए अर्जित की गई संपत्ति की जांच विभिन्न विभागों व एजेंसियों के माध्यम से भी कराई जा रही है।


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