न गुंडाराज न भ्रष्टाचार अबकि बार भाजपा सरकार

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वरदहस्त का जलवा इसे ही कहते हैं।न गुंडाराज न भ्रष्टाचार अबकि बार भाजपा सरकार के नारे को चरित्रार्थ करते लाइन बाज़ार थानाध्यक्ष क्यूँकि गुंडाराज और भ्रष्टाचार इन्होंने स्वयं में समाहित कर लिया है। इसलिए इन महोदय के दिल में जो आता है वह करते है ।
जहाँ छोटी बड़ी ग़लतियों पर समाज लोगों पर उँगलिया उठाने लगता है वहीं इसके उलट लाइन बाज़ार थाना के ‘ मालिक’ इनको मालिक ही कहा जायेगा जो इतनी बड़ी घटना कर के भी आराम से थाने में विराजमान है। योगी सरकार जहां शासन प्रशासन दुरस्त करने में ऐड़ी चोटी का जोर लगा दे रही है वही ऐसे ” थाना मालिक ” ( थानाध्यक्ष ) सरकार की मंशा पर पानी फेरते नज़र आते है । जिससे आम जनमानस भयभीत है।
जहाँ एक तरफ़ नारी शशक्तिकरण और उनको बराबरी का अधिकार देने की बात सरकार चिल्ला चिल्ला के कहती है वहीं दूसरी तरफ़ थाना के आला मालिक घर में घुस कर गर्भवती महिला को और उस घर में रह रहे दिव्याँग व्यक्ति को मारती पीटती है। क्यूँ? क्यूँकि इनकी फ़ोटो कापी की दुकान पर लाइन बाज़ार थाना के सिपाही से पैसा माँग लिया गया था।हाँ नारी सशक्तिकरण उस गर्भवती नारी में दिखा जो मार खा कर भी ज़िंदा है अब इस से ज़्यादा नारी शशक्तिकरण क्या हो सकता है और दिव्यांग व्यक्ति भी मार खा कर घर में चुप है।अब इस से ज़्यादा शशक्तिकरण क्या हो सकता है।जब विवाद बढ़ा तो थाना के आला मालिक ने कहाँ एक फ़ोटो कापी वाले की हिम्मत की मुझसे बात करे। भाजपा विधायक (ज़फराबाद) ने हस्तक्षेप किया और विरोध किया तो उल्टा दुकान वालों के ऊपर ही थाना के आला मालिक ने मुक़दमा ठोक दिया।जब विधायक की भी नहीं सुने तो आम जनता कहा जायेगी ये तो वही हाल हुआ की “ मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है क्या? मेरे हक़ में फ़ैसला देगा”।
अब सिर्फ़ इनकाउंटर करना ही बचा है की एक अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गया और बाक़ियों को निपटा कर मामला रफ़ा दफ़ा करें।थाना के आला मालिक हैं आपको कौन रोकेगा!

जौनपुर ब्यूरो


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