सेनेटाइजर के 50 से 60 दिन लगातार उपयोग से कैंसर-त्वचा रोग का खतरा

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कोरोना वायरस के कारण सेनेटाइजर की खपत अचानक बढ़ गई है। अस्पताल से लेकर हर घर में सेनेटाइजर का उपयोग हो रहा है।शोध में यह खुलासा हुआ है और आपको यह जानकर हैरत होगी कि सेनेटाइजर का 50 से 60 दिन तक लगातार उपयोग कैंसर, लिवर, किडनी, फेंफड़े सहित स्किन रोगों की वजह बन सकता है। खासकर खुशबू वाले सेनेटाइजर को बार-बार सूंघने से 2 से 10 साल तक की उम्र के बच्चों व गर्भवती महिलाओं की इम्युनिटी घट सकती है।
8 मई को इंटरनेशनल जनरल बोइजर में प्रकाशित मुरैना के प्राणी वैज्ञानिक डॉ. विनायक सिंह तोमर के शोध में यह खुलासा हुआ है।वेन्जाल कोनियम क्लोराइड से स्किन, फेथलेट्स से लिवर-किडनी रोगों का खतरा ट्राइकोसान: आसानी से त्वचा अवशोषित कर लेती है। यह केमिकल शरीर के अंदर जाकर मांसपेशियों में ऐंठन-अकड़न की समस्या पैदा करता है।
वेन्जाल कोनियम क्लोराइड: सेनेटाइजर में उपयोग होने वाला यह केमिकल हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करता है लेकिन इसके लगातार उपयोग व शरीर की त्वचा के रोमछिद्रों द्वारा अवशाेशित करने की वजह से इससे त्वचा में जलन, खुजली, चकते पड़ने की समस्या पैदा हो सकती है।
फेथलेट्स: यह केमिकल सेनेटाइजर में खुशबू पैदा करता है। अक्सर खुशबू युक्त सेनेटाइजर लगाने के बाद बच्चे उसे सूंघते हैं। लगातार सेनेटाइजर सूंघने की आदत से शरीर के लीवर, किडनी, फेंफड़े व प्रजनन तंत्र पर असर होता है। साथ ही गर्भवती महिलाओं व बच्चों की इम्युनिटी कम हो सकती है।
घरों में नीम के साथ उबले पानी, नमक के पानी से धोएं हाथ। यह उपाए भी वायरस को मारने में कारगर है।
स्त्रोत: दै.भा.

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